Blog · 2026-10-02

बिजली के बिल से छुटकारा: नेट मीटरिंग कैसे काम करती है

यूपी में बिजली लगातार महंगी हो रही है। जानिए छत पर लगा सोलर प्लांट और नेट मीटर मिलकर आपका बिल लगभग शून्य कैसे कर देते हैं।

उत्तर प्रदेश में बिजली की दरें बार-बार बढ़ी हैं, और आगे भी बढ़ेंगी। ऑन-ग्रिड सोलर प्लांट का मुख्य उद्देश्य बिजली का बिल कम करना है: छत पर बनी बिजली आपके यूनिट्स के खर्च में से घट जाती है।

एक उदाहरण

अगर आपका बिल 800 यूनिट का आता है और आपने 5 किलोवाट का सोलर प्लांट लगवाया है जो लगभग 600-700 यूनिट बनाता है, तो आपको केवल 100-200 यूनिट का ही बिल देना होगा।

यह कैसे होता है?

सोलर लगने के साथ बिजली विभाग आपके घर का मीटर बदलकर नेट मीटर लगाता है, जो आगे और पीछे दोनों ओर चल सकता है। मान लीजिए सुबह मीटर में 100 यूनिट है; दिन भर में सोलर ने 25 यूनिट बनाईं, जिनमें से 15 आपने खर्च कीं और 10 ग्रिड में चली गईं। शाम को मीटर 90 यूनिट दिखाएगा। रात में आपने 10 यूनिट खर्च कीं तो सुबह फिर 100। इस तरह बिल लगभग शून्य हो जाता है; बस फिक्स्ड चार्ज देने होते हैं, जो वैसे भी देने पड़ते।

आपका बिल सही है या नहीं?

वोर्टेक्स सोलर के ग्राहक अपने बिल की यूनिट्स ऐप में डालकर जांच सकते हैं कि बिल सही बना है या नहीं: हम उसे आपके प्लांट के असली उत्पादन से मिलाते हैं, और गलती होने पर बिजली विभाग से ठीक करवाते हैं।

जानकारी के लिए वेबसाइट पर फॉर्म भरें या टोल फ्री नंबर 1800-180-5554 पर कॉल करें।

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